आखिर कैसे बदले समाज की मानसिकता ?
पिछले दिनों कुछ कारणों से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र जाने का मौका लगा। जिसका मैं पुरी तरह से फायदा उठाने की कोशिश की और वहाँ के स्थानीय लोगों से मिलने बाद कुछ मुद्दे पर बात की तथा साथ-ही-साथ गंगा किनारे दक्षेस घाट पर स्नान किया। इससे संबंधित कुछ अनुभव साझा कर रहा हूँ।
भारत जैसे देश में सबसे ज्यादा पवित्र नदी गंगा आज मलिन हो गई है,इसलिए सरकार द्वारा विभिन्न योजना लगभग 1985 से चलाई जा रही है,वर्तमान सरकार ने नदी सफाई के लिए अलग से मंत्रालय भी गठित की है, तथा विगत वर्षों की तरह सरकार ने इस वर्ष बजत में काफी रूपया नदियों की सफई में खर्च कर रही है,लेकिन सिर्फ सरकार के पैसा खर्च करने से बात नहीं बनेगी सरकार को चाहिए कि स्थानीय लोगों को जागरूक करें,क्योंकि जब मैं वहाँ स्नान करने गया तो कुछ लोग बेधरे से साबुन व सैम्पु का प्रयोग कर रहे थे।कुछ लोग तो तौलिया नहीं लाते लेकिन साबुन सैम्पु लाना नहीं भुलते क्योंकि वे तौलिया घाट पर किसी से लेकर उपयोग करके पुनः रिटर्न कर देंगे।
दोस्तों यहाँ मुझे हैरानी करने वाली बात लगी कि वहाँ रखा कुङादान को छोड़कर नदी किनारे ही कचरा रखा जाता है।मैंने उन्हें मना किया तो उनका जबाव था कि लगता है बनारस पहली बार आये हो तथा वे कुछ और बङबरा रहे थे जो मुझे सुनाई नहीं दिया।जिसमें युवावर्ग ही ज्यादातर थे।
अधिकतर स्थानीय लोगों का कहना था कि मोदी सरकार ने बहुत कुछ किया है -
- गंगा किनारे पहले बहुत गंदा था,लेकिन अब पहले से बेहतर है।
- सारनाथ के पास पर्यटन का विकास-सङक,24 घंटे बिजली,शौचालय, पानी इत्यादि।
कुछ लोगों का कहना था कि किसी को करना ही था इसलिए मोदी जी सबको लोलिपाप थमा दिए है -
- गंगा किनारे देखरेख करने वाला कोई नहीं है जिससे उपरोक्त गतिविधियाँ की निगरानी की जाए।
- शौचालय है लेकिन कुछ में पानी नहीं,24 घंटे बिजली नहीं रहता।
सलाह:
सरकार ,NGO और स्थानीय लोगों को निम्न बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए-
- जन जागरूकता अभियान चला कर स्थानीय लोगों को खासकर युवावर्ग को जोड़ना चाहिए।
- प्रोत्साहन के लिए प्राइज देना इत्यादि।
मैं जब सारनाथ में रात बिताया तो-
- शाम से सुबह तक करीब 6-7बार बिजली गुल रही।जिसमें उसकी समय अधिकतम लगभग 2 घंटे तथा कम-से-कम 10 मिनट
- सारनाथ के एक सार्वजनिक शौचालय में पानी नहीं था दूसरे के पास चपाकल था तो शौचालय में ताला बंद था।
कृपया comments जरूर करे,क्योंकि ये मेरे लेखनशैली को उजागर करेगा। धन्यवाद
©#नरेन्द्र प्रसाद निराला
