बिहारी बारात
बिहार का एगो खास बात है आप चाहे लाख होटल, मैरिज हॉल बनवा लीजिए लेकिन बरियाती ठहरने का जो मजा सरकारी स्कूल में है ऊ कहीं नहीं...
जब पुआल के ऊपर दरी और दरी के ऊपर टेंट हाउस वाला उजरा-उजरा जाजिम और उसपर गुलाबजामुन जैसा रंगबिरंगा तकिया फेंका-फेंकी में उत्कृष्ट लेवल का आनन्द आता था। खिड़की से सन्न-सन्न पछिया बह रहा है और खिड़की का एगो पल्ला गायब है। दीवार से पीठ लगाकर बैठिए त दीवार का आधा चूना झड़कर आपके शरीर में लग जाता था। बाहर लड़का का फूफा लड़की के चच्चा से अलगे लड़ रहा है - “ई बताइए ईहाँ दीशा-पैखाना का कोई बेवस्थे नहीं है का... हमरा लड़का कहाँ जाएगा ?
लाइट का भी कोनो ठीक जोगाड़ नहीं दीख रहा हैं ! ई घुप्प अन्हार में हम आज अर्थिंग पर मूत आते... बताइए हमरा तो जीवने अन्हार हो जाता ! अरे पैसा का कमी था तो बताते हमही आकर सब बेवस्था कर जाते ?”
इधर, स्कूल के गेट पर डी.के बैंड पार्टी का रंगरूट सब फिरंगी आर्मी जैसा ड्रेस पहिने ढोल-ताशा बजाए बेहाल पड़ा है। पिंपनी वाला अपना फेफड़ा का पूरा दम झोंक दे रहा है... और, स्टार गायक, ख़ुद को रफी/किशोर के समकक्ष मान, हाथ में आधे घंटे से माइक लेकर सिर्फ़ “रेडी वन टू थ्री, वन टू थ्री” कर रहा है । फिर, जब गाना शुरू किया “अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो, दर पे सुदामा गरीब आ गया है...” उधर से लड़के का बाप गला फाड़ते हुए (जो ख़ुद नशे में हैं) - “साला...लगता हैं ढेर ताड़ी पी लिया है रस्ता में, अचार चटाओ ई मादर### क, अलबला गया है बहन###... कल पैसा काटेंगे न तब बुझाएगा ससुरा के...” गायक होश में आ गया। अब पंद्रह बीस मिनट से “झिमी झिमी झिमी आजा आजा आजा” पर इसका कैसेट अटकल है...¿¿¿
उधर लड़का का दोस्त सब ललका ब्लेजर पर गोल्डस्टार का जूता पहीर के कोनो विधायक का माफ़िक भौकाल में टहल रहा है। ई दोस्त सब के नज़र में जहां ऊ बरियाती आया है ऊ दुनिया का सबसे बेकार गांव है! जहां सुपर मार्केट नहीं है, रेस्टोरेंट नहीं है, एटीएम नहीं है, कोनो शोरूमो नहीं है। एक क्लासिक का सिगरेट तक नहीं मिला और ई फेर में गोल्ड फ्लेक पीना पड़ रहा है। घरवैया सब इनका सब हीरोपनी समझ रहा है, लेकिन, आडवाणी लेवल का बर्दाश्त किया हुआ है ! कोई ना एक रात का तो बात है विदा करो जल्दी इनको...¿ अब बारात दरवाजे की तरफ बढ़ रहा है। बाराती सब में माइकल जैक्सन का भूत आ चुका है। गांव में चाची-काकी-दादी सब गाड़ी में झांक-झांक के लड़का को देख रही हैं, पूरा हंसी-मजाक वाला माहौल चल रहा है... – ऐ चाची, लड़का का उमर देखिए न थोड़ा ज्यादा नहीं बुझा रहा है..? – रे बजरखसौनी, ऊ त लड़का का बाप है... लड़का त पीछे बैठा है न गजुआवाली¿¿¿ तुम बुढ़िया से काहे मजाक करती है ! – ऐ चाची ई बिहार है... ई हाँ मजाक से तो साक्षात प्रभु श्री रामचंद्रर अउर सीता भी ना बच पाईईई त ई बिचारा रमलोचन का है... तभी एक महिला लड़का के पिता से...ए समधी जी...आप काहे काजर पोत लिए हैं पूरा आंख में, बियाह त आपके बेटवा का है ना...!!!
©#कुमार
