चुनावी सीख
संदेश सुनों संदेश वाहकों से राग सुनों राग मल्हार से रंग चुनो रंगरेजों से ठंग चुनों व्यवस्थापकों से।
अंग्रेजी सीखो अंग्रेजो से अखबार पढ़ना सीखो पत्रकारों से नेकी सीखो ईमानदारों से।
पर ध्यान रखना... चुनाव में कुछ नहीं सीखना... जो चुनना है, वही बीनना है।
क्योंकि विजेता से, बनता है नेता... और नेता का इन सबसे होता है गहरा नाता...।
और एक जन है जिसका खुला मन है।
