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Rahul Devashish
Rahul DevashishCourseLiteraturePoetry
3 Feb 2021·2 min read·

अपनी उदासी को रचनात्मक में बदल डालिए

आइंस्टीन ने एक नाव रखी थी।जब वे उदास होते थे तो अपने नाव पर सवार होकर उसे खेते हुए बहुत दूर तक चले जाते थे और घंटों बिताते थे।भगवान कृष्ण जब उदास होते थे तो पेड़ों की डाल पर बैठकर बांसुरी बजाते थे।प्रेमचन्द्र ने उदासी में गोदान,गवन जैसा कालजयी बुक्स लिख डाला।इन्होने अपने उदासी को रचनात्मक स्वरूप दिया और इतिहास में अमर हो गये।

दोस्तों,जब आप उदास होते है तो क्या करते है?इलेक्ट्रोनिक गैजेट्स उठाकर किसी से चैट करने लगते है,गाने सुनने लगते है या इससे मिलता-जुलता कुछ करते है?क्या आपने कभी सोचा ये रचनात्मकता नहीं है,मूड हल्का करने के नाम पर बस टाईम पास है।कुछ लोग दलील दे सकते है कि हमको इतिहास नहीं बनाना है,अपनी लाईफ को एंजॉय करना है।इस दलील से मैं बिलकुल सहमत हूँ।लेकिन इसमें एक बात को जोड़ना चाहूँगा कि एक ही एंजॉय को आप दोबारा नहीं ले सकते।एंजॉय करने का एक तरीका आपको कुछ दिन तक सुकून देगा,उसके बाद वह जिंदगी की एक रूटीन बन जाएगा और आपको खुशी नहीं देगा।आप वो करके भी उदास रहोगे।

तो क्या करें आप ही कुछ बताइये?दोस्तों कला,विज्ञान और खेल ये तीन ऐसा क्षेत्र है जिनमे आजीवन सृजन की संभावनाएं है।आप इन क्षेत्रों में से किसी किसी एक या दो को चुनिये।योगगुरु बाबा रामदेव से एक बार एक पत्रकार ने जब पूछा कि आप इतना कम आराम करते हो फिर भी मस्त रहते हो,तो उन्होने बड़ी सहजता से जवाब दिया-मैं काम करते-करते ही आराम कर लेता हूँ।कार्यान्तर ही विश्राम है।जवाहरलाल नेहरू ने भी कहा था-आराम हराम है।

कभी आपने सोचा कि अपने उदासी के क्षणों में आप आराम ही करते रहते है।कुछ लोग टेंशन आने पर औंधे मुँह लेटकर,तकिया पकड़कर सो जाते है।उन्हे लगता है,सोने से उदासी चली जाएगी।कुछ लोग नशा करते है,कोई वयस्क क्लिप का आनंद लेने लगते।दोस्तो ये सारे टेम्पररी समाधान है।ये सब आपको धीरे-धीरे अपने तरफ बहका कर ले जाएगा।आपका टाईम खाएगा और आप बेबजह अपने आप को बीजीमैन घोषित कर दोगे।

आपकी उदासी रचनात्मकता का सुनहरा अवसर लेकर आती है।याद रखें हर सन्नाटे के पीछे एक तूफान छुपा होता है।जिस प्रकार तूफान के आने के पहले उमस होती है,हवाएँ शांत हो जाती है,उसी प्रकार आपकी नई क्षमता के विकास के पहले आपको उदासी आती है।नए बच्चे के जन्म के पूर्व परिवार के सारे लोग बहुत उदास होता है और भगवान से कामना करता है कि माँ-बच्चा कुशल रहे।बच्चे के जन्म के बाद घर में खुशी की लहर दौड़ जाती है।दोस्तों उदासी के समय अपने आप के बारे सोचिए।अपनी लाईफ के टाईमलाईन को देखिए।आपने यहाँ तक पहुँचने के क्रम में कौन-कौन सा कौशल हासिल किया है उसे कलेक्ट करिए।

अपने टूटते साहस को जोड़िए,अपनी क्षमताओं का संकलन करिए और एक नया प्रॉडक्ट बनाइये।एपल कंपनी के फाउंडर स्टीव जॉब्स ने अपने स्टाफ को संबोधित करते हुए एकबार कहा था कि-"आप आज अपनी जिंदगी का सबसे बेहतरीन काम करो।"ऐसा हर दिन सोचकर हम चलें तो बेहतरीन,बेहतरीन करते करते आप सर्वोत्तम काम कर देंगे।

दोस्तो,मैं आपको कोई कहानी नहीं सुना रहा।ये मेरी आप बीती है।मैंने ऐसा जीया है,आप भी जियो।आप कल्पना नहीं कर सकते आपमें इतनी ऊर्जा आ जाएगी।