← PrevNext →
Kumar Bhupesh
Kumar BhupeshCourseLiteraturePoetry
3 Feb 2021·1 min read·

दर्द की चाशनी में

दर्द की चाशनी में जिंदगी का मजा लीजिए, जो भी मिले उसे शिद्दत से सजा लीजिए ।

दर्द से दूर जिंदगी में कुछ भी नही ? इस यथार्थ को वक्त रहते हृदय से अंगीकार लीजिए ।

किसी के गले लग जाइए किसी को गले लगा लीजिए, दर्द की चाशनी में जिंदगी का मजा लीजिए ।

©#कुमार