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धर्म-स्तम्भ
धर्म/मज़हब तब नहीं खत्म हुआ, जब विज्ञान का बोलबाला हुआ।
तब भी नहीं खत्म हुआ, जब भयानक प्राकृतिक आपदाएँ आई।
सुकरात, अरस्तु, नीत्शे कोई नहीं हिला पाया धर्म को। धर्म बचा लेता है खुद को॥
कोई आपको धर्म बचाने को उकसाए, तो समझ जाइए उसका कोई एजेंडा है, और उसी आदमी से बचना है॥ जो लोग करते हैं धर्म के नाम पर राजनीति। ये तो वो लोग है जो हमे लड़ाते धर्म के नाम पर।
©#आदर्श मौर्य
