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धर्म युद्ध
जब घनघोर अंधेरा हो, धर्म-अधर्म की संशय हो, तो क्या योगी सुरति लगा हिमालय बैठे होंगे?
योगी तो सभी है, जररूत है तंद्रा से निकले, मुखर हो उन लकीरो की प्रति जहां धर्म कुचले जाते है, अधर्म के द्वारा।
यह धर्म युद्ध है, मानो या न मानो, कृष्णा बनो या बलराम, कृष्णा महाभारत में क्रियाशील नायक है, उनकी चलती है, पूज्य बलराम की नही।
क्रियाशील बनो, प्रगतिशील बनो, मुखर हो उन लकीरो के प्रति, तभी अंधेरा छटेगा। सत्मेव जयते संभव तभी, जब पुरुषार्थ का मेल हो।
©#महेश्वर योगी
