← PrevNext →
Kumar Bhupesh
Kumar BhupeshCourseLiteraturePoetry
3 Feb 2021·1 min read·

गाँधी जयंती

जयंती तो बना लिया

गांधी जी के धाम पर ,

नारा भी खूब लगा लिया

शास्त्री जी के नाम पर !

 

पर, इससे न तो

बेटियां सुरक्षित हुई !

न तो किसान ही रक्षित हुए

आपके किसी काम पर ?

 

महंगाई और बेरोजगारी

ना समझें टीस जवान का !

लगाकर पेड़ बबूल के

आसक्त मन आम पर ?

 

आखिर कब तक चलेगा

ये कारोबार आपका !

इस कलुषित घृणित

मानसिकता तमाम पर ?

 

©#कुमार