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Satish Kumar Pandey
Satish Kumar PandeyCourseLiteraturePoetry
3 Feb 2021·1 min read·

जन जन में विचार क्रांति लायेगे हम

अब विचारों से क्रांति लायेगें हम। बिगडते माहौल में, सद्ज्ञान की मशाल जलायेगे । बिखरते रिश्तों में अटूट गाँठ लगायेगे हम। राम-रहीम के नाम का अर्थ जन जन को बतायेगें हम। राष्ट्र विरोधी स्वर को, सदा सर्वदा के लिए मिटायेगें हम। भटकते युवाओं को सन्मार्ग दिखायेगें हम। नशे के गर्त में डूबते जिन्दगीयों को पार लगायेगें हम। भूख से तडपते जिन्दगीयों को बचायेगे हम। नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनायेगे हम। इस जहां को विश्व बंधुत्व का पाठ पुनः पढायेगे हम। इस धरा को प्रदूषण के दंस से बचायेगे हम। भ्रष्टाचारियो को अब उनकी औकात बतायेगे हम। देशी गद्दारों को अब निसनाबूत मिटायेगे हम। सर्वस्व न्योछावर करके भी भारती के मान को बढायेगे हम। अडिग हिमालय सा हौसले से, दुनिया वालों को रूबरू करायेगे हम। विश्वगुरू बनने की ओर, हर कदम बढायेगे हम। नन्हें -नन्हें हाथों से छूडा के फावडा, उनमें ज्ञान की लव जलायेगे हम। अज्ञानता के सागर में भी, ज्ञान का दीया जलायेगे हम। इस दौर में भी रच के स्वर्णिम दास्तान ,श्रेष्ठ आर्यपुत्र कहलायेगे हम। बंध के एकता के बंधन में, हर बंध खोल पायेगे हम। धैर्य धरों भरतवंशियों ,विकराल पीर के भी पार उतर जायेगे हम। करके कालिया मर्दन, उसके फन पर करके नृत्य दिखलायेगे । होकर सचेत अपने ध्वज पताका के नीचे इस जगत् को लायेगे हम। होकर तृप्त ज्ञानामृत से पुनः खिलखिलायेगे हम। अपने सत्कर्मो से एक जनक्रांति लायेगे हम। धूमिल हो रही अपनी गरिमा को निखार लायेगे हम। मानवी संवेदना को हर क्षण बचायेगे हम। अन्तर्मन में व्याप्त अद्मय साहस को झकझोर जगायेगे हम। सभी के दिलों में क्रांति विचार लायेगे हम। माता भारती को इस जगत् सर्वोच्च स्थान दिखलायेगे हम।करके फतह विकराल दुष्प्रवृतियों पर श्रेष्ठ भारतवंशि कहलायेगे हम। जन जन में विचार क्रांति लायेगे हम।

©#सतीश