मैं पुरुषार्थ हूं
मैं पुरुषार्थ हूं, मैं कर्ता हूं। मैं जी तोड़ मेहनत करने वाला हूं। मैं हाथ बढ़ाता हूं, दूसरे का साथी सुख दुख में। मैं कुछ नहीं, मेरी पहचान उन सभी से है। मै जीता उनके लिए, करता उनके लिए। मैं सबमें हूं, सबके लिए हूं। मैं एक दिव्य आत्मा हूं, सबके साथ जुड़ा हुआ हूं। मैं सभी के लिए हूँ, मेरी सारी भावनाएं, मानसिक चेतनाएं। मैं आनंदित हूं, चहुओर खुशहाली फैले। मैं कुछ नहीं, मैं आप में हूं, आप ही हो। मैं सब में हूं। मैं कुछ नहीं एक दिव्य आत्मा हूं। मैं पुरुषार्थ हूं, हम सब में है। मैं नई दुनिया बनाऊंगा। मैं नई शुरुआत करूंगा, अपने सपनों को भारत होगा। मैं शरुआत खुद से करूंगा। मैं प्रेम, सेवा, दान की प्रतिमूर्ति हूं। मैं पुरुषार्थ हूं, सभी के प्रेरणा की स्रोत हूं। मैं कुछ नहीं, आप सभी में हूं, चले हाथ बढ़ाए, सपने की दुनिया बनाएं। मैं पुरुषार्थ हूं।
#नयभारत #नयादुनिया #पुरुषार्थ
©#मिथिलेश कुमार
