← PrevNext →
Kumar Bhupesh
Kumar BhupeshCourseLiteraturePoetry
3 Feb 2021·1 min read·

मेरी प्रिये

मैं पटरी पर बिखरी भूख प्रिये तुम राशन की सरकारी लूट प्रिये !

मैं पैदल गांव जाने को मजबूर प्रिये तुम रेड, ऑरेंज में ग्रीन ज़ोन सी छूट प्रिये !

मैं श्रमिक विशेष रेल का टिकट विवाद प्रिये तुम हवाई जहाज से आई कोविड-19 बुत प्रिये !

मैं देशस्थ प्रवासी श्रमसाध्य दर-आमद प्रिये तुम विदेश से आई कनिका सी कोरोना हूर प्रिये

मैं सरकारों के बीच फंसा टेस्ट क्रिकेट प्रिये तुम सर्वाधिक लोकप्रिय 20-20 का सूचकांक प्रिये

मैं मनरेगा संचित फण्ड का कागजी लूट प्रिये तुम पीएम केयर फण्ड पर 80G सा छूट प्रिये !

मैं कोने में छपता सरकारी इश्तहार प्रिये तुम पेज 3 सा नित लिए नया विवाद प्रिये !

इसलिए तो मुश्किल हैं अपना मेल प्रिये अबतक अनसुलझी हैं कोरोना का खेल प्रिये !

©#कुमार