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Radha Ratnaprabha
Radha RatnaprabhaCourseLiteraturePoetry
3 Feb 2021·1 min read·

पहले पहर की बेला

मंद मिलन उन हवाओं से, मानो जन्नत।

शांत,मस्त मौला हवाएं छेड़ रही, सुना रही अपनी कहानी।

उकसा रही समझने को, हर वादियो में एक इतिहास छिपा है।

गाइयों का घास चरना, बच्चों की झुंड।

गलियों वाली गालियाँ, स्वच्छंदता पर्यावरण की।

देखने लायक है, पहले पहर की बेला।