Mithilesh Kumar
Mithilesh KumarCourseLiteraturePoetry
3 Feb 2021·2 min read·1·

पर्यावरण का संरक्षण

एक याद जुड़ी है, इस मेरी फटफटिया से। भावनाएं जुड़ी है, झलक रही सामने सब। विश्कर्मा पूजा को धो रहा, इस फटफटिया को।

हाथ फेरता धोने को, जुड़ी यादें सामने सब। इतना गहरा रिश्ता है, जैसे चोली दामन का साथ रहा। दी है सहारा, उन पलों में जब साथ ना था किसी का।

गाड़ी निर्जीव जरूर है, कुछ जान तो उसमे भी है। चैतन्य के स्तर भिन्न हो सकते है। मेरी फाटफटिया, जैसे जान ही है।

एक गहरे यादगार के पल जुड़े है इससे। कैरियर के शरुआती दिनों से, आज तक साथ इसका। मानो चोली दामन का साथ रहा, भावनाएं जुड़ी है।

शरुआती दिनों में, जब बंगलौर में पहली जॉब पर। फटफटिया जुड़ी तब से, मेरे जिन्दगी में यह। खरीदा था मै, इसे एक मित्र की मौजूदगी में।

तय की दूरी हमने, 1.5 लाख किलोमीटर से भी ज्यादा। हजारों मील के पत्थर आए, जीवन में। तय की है दूरी, फटफटिया ने समय को जिलाया जैसे।

आज भी चलती ऐसे, दे देती जीवन को माइलेज। जीवन दौर जाती है, हवाओं के लहर पर। ऐसा है हमारा रिश्ता, इस फटफटिया से।

कितने घटनाओं का साक्षी है, यह फटफटिया। मै झांकता हूं उन पलों पर, सब सामने है इसे धोने के क्रम में। इस जीवन को सुरक्षा दी है, इस फटफटिया ने।

कृतज्ञ हूं, छोर दू कैसे इसे। सभी कहते इतनी पुरानी, गाड़ी क्यों रखे है। बदल क्यों नहीं देते, शोभा नहीं देती अब। पर्सनैलिटी से शूट नहीं करता, कुछ चुने हाई मॉडल।

ऐसा हो नहीं सकता, वफादारी मेरी भी हो। जिसने साथ दिया बिना शर्त के, कैसे छोर दू। गहरा रिश्ता है, जुड़ी है भावनाएं एवम् यादें।

पुरानी रिश्तों का सम्मान करे हम, भूले ना। रखे इसे सलामत, जब तक दोनों का साथ रहे। सबको तो बस जाना है, रिश्ते का सत्कार करे।

जरूरतों को हम कमतर करे, काम करे कार्बन फुटप्रिंट्स को। पर्यावरण का संरक्षण करे हम, फटफटिया मेरी सीख देती सब। फटफटिया बड़ी पुरानी है, यादें सभी नई कर गई।

कई यादें जुड़ी है, इस मेरी फटफटिया से। भावनाएं जुड़ी है, झलक रही सामने सब। #carbonfootprint #रिश्ते #भावनाएं

©#मिथिलेश कुमार