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Narendra Prasad Nirala
Narendra Prasad NiralaCourseLiteraturePoetry
3 Feb 2021·1 min read·

संकल्प की शक्ति को समझें ।

अक्सर हम बच्चे,युवाओं और वयस्कों को कहते हुए सुनते है, कि  नववर्ष में उन्होंने संकल्प लिया है । संकल्प लेना कोई बङी बात नहीं है, लेकिन इस पर अडिग रहना मनुष्य को 'नर से नारायण' बनाता है ।

संकल्प कब टूटता है -

  • कार्यो को दुसरे समय के लिए टाला जाता है
  • दोस्तों के साथ अत्यधिक मौजमस्ती व गप्पें करना
  • सोशल मीडिया को जीवन मे प्रथम स्थान देना
  • फिल्म देखना
  • विकल्पों की तलाश इत्यादि ।

संकल्प को शक्ति कैसे बनाया जाए -

  • छोटा- छोटा संकल्प लें और उसे पूरा करें ।
  • एक डायरी ले और उसमें अपने प्रतिदिन के कार्यों का विवरण लिखें, जिससे आपको आजीवन प्ररेणा मिलेगा ।

अन्त में दो टुक -

करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान । रसरी आवत-जात के, सिल पर परत निशान

अर्थात: जिस प्रकार बार-बार रस्सी के आने जाने से कठोर पत्थर पर भी निशान पड़ जाते हैं, उसी प्रकार बार-बार अभ्यास करने पर मूर्ख व्यक्ति भी एक दिन कुशलता प्राप्त कर लेता है ।

अभ्यास से व्यक्ति 'संकल्प को शक्ति' बनाते हुए अपने उद्देश्य को प्राप्त करता है । और 'साधारण से महानतम तक' पहुंचता है । जैसेे : महात्मा गाँधी, मदर टेरेसा इत्यादि ।

आशा करता हूँ कि आपको मेरा लेख पसंद आया होगा ।

©#नरेन्द्र प्रसाद निराला