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टीन एज
मन में मन का दस्तक हुआ, बाल्यावस्था जब स्नातक हुआ ।
फूटा प्रथमतः आवेग प्रबल, मन मन का वाहक हुआ ।
मन-मंदिर में मोहक छवि, मन स्वतःभावक गायक हुआ ।
दृष्टि निज अहरह रूप सवारे, निहारे मन, मन के लायक हुआ ।
दिशाकाश मन मन को भटके , मंजर मन का कष्टदायक हुआ ।
शासित मन मुखरन को तरसे, निसंग मन अतिशय दाहक हुआ ।
©#रंजीत
