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उद्धार हो जायेगा
परिंदे हो, आप फिर क्यों डरते हो, सूरज से
चूमना है उसे, तो गायत्री का जाप करों,
आशंका है अगर, तो आशा भर जायेगा,
इस कोलाहाल भरी ज़िन्दगी में , उद्धार हो जायेगा...
©#नरेन्द्र प्रसाद निराला
परिंदे हो, आप फिर क्यों डरते हो, सूरज से
चूमना है उसे, तो गायत्री का जाप करों,
आशंका है अगर, तो आशा भर जायेगा,
इस कोलाहाल भरी ज़िन्दगी में , उद्धार हो जायेगा...
©#नरेन्द्र प्रसाद निराला