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Narendra Prasad Nirala
Narendra Prasad NiralaCourseLiteraturePoetry
3 Feb 2021·2 min read·

क्या मुखर्जीनगर में UPSC की तैयारी नहीं हो पा रही है ?

क्या मुखर्जीनगर  में UPSC की तैयारी नहीं हो पा रही है ? यह गंभीर प्रश्न है क्योंकि मुखर्जीनगर बाजारवाद का केन्द्र हो गया है  यहाँ पर कोचिंग संस्था व अत्यधिक विद्यार्थियों की भीड़ है ये सिर्फ पढ़ रहें है। कुछ भी  नया नोट्स, गेस पेपर,  मैगज़ीन या पुस्तक बाज़ार में आया नहीं की उसे अपने टेबल पर देखना चाहते है। और वे  पाठ्यक्रम के अनुसार आधारभूत विषयों पर ध्यान न देकर विभिन्न मकड़जाल में फस जाते  हैं । जिससे उम्मीदवारों का आधारभूत विषयों जैसे इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था और अर्थव्यवस्था में  पकड़ नहीं बन पाता है।

जैसा कि हम जानते है हम दूसरों को देखकर सीखते है। यहाँ अर्थात् मुखर्जीनगर की संस्कृति कंटेंट इक्कठा करने की है। इसको अधिकतर विद्यार्थी अपनी शान समझते है, जिससे न तो विद्यार्थियों का ज्ञान का संवर्धन हो पाता है और न ही वे विकास कर पाते है इसलिए परिणाम न के बराबर होता है। जैसा कि वर्ष 2018 में हिन्दी मीडियम का विद्यार्थी जेनरल और ओबीसी कटेगरी से एक भी आईएएस ( IAS ) नहीं बन पायें है।

हिन्दी मीडियम वालें  छात्र-छात्राओं के पास चुनौति यह है कि वे प्रारंभिक परीक्षा  भी पास नहीं कर पाते है। कहने के अधिकत्तर आईएएस की तैयारी कर रहे है परन्तु अधिकत्तर उत्तर लिखने का अभ्यास ही नहीं करते है। दोस्तों, विचारणीय प्रश्न यह है कि क्या UPSC की परीक्षा बिना उत्तर-लेखन के अभ्यास से पास किया जा सकता है ? 

जब तक आईएएस बनने के इच्छुक उम्मीदवारों को कुछ समझ में आता है, तब तक इनका तीन साल  का समय और अपना रुपया  खर्च कर चूके होते है। वह इस हालत में नहीं रहते कि वह अपने अभिभावक को कुछ कह सकें, कि उसे कही और रहना है और वहाँ से तैयारी करना है। मित्र- मण्डली एवम् सामाजिक पहचान का माया- मोह  ऐसा करने से विवश कर देता है। जिसे नीलोत्पल मृणाल जी के पुस्तक 'डार्क हॉर्स' को पढ़कर अनुभव लिया जा सकता है।

तो क्या मार्गदर्शन के लिए मुखर्जीनगर सही है अथवा वर्तमान में कई वेबसाइट और यू-ट्यूब चैनल को देखकर तैयारी किया जा सकता है ? दोस्तों, इसके तैयारी का मार्गदर्शन सफल लोग ही दे सकते है। परन्तु कई सफल लोगों के बातों में तकरार होता है इसलिए इसका उचित हल बस इतना है कि डॉ. विजय अग्रवाल सर के अनुसार किसी उम्मीदवार का तैयारी से सम्बंधित यथार्थ को जानना है तो UPSC के साक्षात्कार के दरमियान UPSC भवन, धौलपुर हॉउस के बाहर जाकर इन उम्मीदवारों से मिले। बातचीत करें। आपको उचित मार्गदर्शन मिलेगा। वर्ना आप इस भीड़ में कही खो सकते है। इसलिए यह  कहना  मुनासिब होगा  कि  यहाँ पर रहकर तैयारी करना अपने प्राण संकट में डालना है।

©#नरेन्द्र प्रसाद निराला