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नारी ! एक सच्चाई
तू है बेटी, तू बहन भी है, तू है दोस्त तो, हम सफर भी है,
तू है माँ तो, शक्ति भी है,
जब होता है अन्याय तुझपर, तो क्यों चुप रहती है तू, आखिर समाज की कुरीति को, क्यों सहती है तू,
जीवन का एक ध्येय बना , इस भारत को नई राह दिखा।
©#नरेन्द्र प्रसाद निराला
