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जिंदगी छोटी ही पर...
ऐ खुदा ! देना तो इस पार या उस पार देना, खुले आकाश में दो पर मत लाचार कर देना।
लहर कैसी भी हो किनारे पहुँच जायेंगे, भंवर से लड़ने के लिए मजबूत पतवार देना।
किनारे पर डूबने वाले की गमे-दास्तान से, दूर रखना हमें, हौसला बार-बार देना।
वो नासमझ है जो बूतों को तोड़ते हैं, जिंदगी छोटी ही सही पर मत दागदार देना।
जब तक दो हाथ दो पैर सलामत है, मर जाऊँ तेरी चौखट पर मत उधार देना।
तेरी दुनियाँ बहुत खूबसूरत है कसम से, बनी रहे ये सदियों तक इसे और प्यार देना।
©#रंजीत
