बसंत
बसंत उमंग है, उल्लास है । बसंत उम्मीद है, विश्वास है । बसंत आस है, प्यास है । बसंत उत्कर्ष है ,संघर्ष है । बसंत प्रसन्नता है, हर्ष है । बसंत उन्मेश है ,उत्थान है । बसंत ज्ञान है, विज्ञान है । बसंत नवोन्मेष है, नवोत्थान है । बसंत विध्वंस और सृजन की दास्तान है । बसंत प्रकृति की खिलखिलाती मुस्कान है। बसंत भँवरों का मनोरम गान है । बसंत कलियों की खिलखिलाहट है । बसंत पंक्षियो की चहचहाहट है । बसंत परिवर्तन की आहट है । बसंत खुशियों की सुगबुगाहट है । बसंत ज्ञान है, अनुसंधान है । बसंत क्षय से जय तक की पहचान है । बसंत प्रकृति की अमिट व्याख्यान है । बसंत जिन्दगी का तरंग है। बसंत जीवन में भरता सदा रंग है । बसंत सरिता की धार, कभी न थमने वाली रफ्तार है । बसंत धरा से अंबर तक का अद्भुत श्रृंगार है । बसंत बहार है, इसकी महिमा सदा अपरंपार है । सामर्थ्य कहाँ मुझमें जो करूँ वर्णन जिसका धरा से अंबर तक विस्तार है । आप सबको उमंग , उल्लास ,उत्कर्ष ,उत्थान, उत्साह से सुसज्जित बसंत पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई ।
© सतीश कुमार पांडेय
