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Narendra Prasad Nirala
Narendra Prasad NiralaCourseLiteraturePoetry
22 Mar 2025·1 min read·

बिहार दिवस

बिहार, तू संघर्ष की पहचान, तेरी मिट्टी में बसी है जान। ज्ञान की भूमि, गुरुओं का धाम, बुद्ध, महावीर, जनमाए महान।

गंगा-गंडक का निर्मल जल, खेत-खलिहान, हरियाली नवल। मगध, मिथिला, और भोजपुर, संस्कृति का अनुपम सिंधुर।

चंपारण का सत्याग्रह देखो, आजादी की गूंज यहाँ भी लेखो। शौर्य, परिश्रम, त्याग अपार, गूंजे दुनिया में नाम बिहार।

चलो मिलकर कसम उठाएं, बिहार को फिर से स्वर्ण बनाएँ। शिक्षा, विकास, नव निर्माण, यही हो अपना संकल्प महान!

बिहार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!

© योगाचार्य नरेन्द्र प्रसाद‘निराला’