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चल भारतवर्ष को जोड़ते है
चल चलते है भारतवर्ष के तरफ रुख करते है आ राजनीति वाली बात करते है हो किसी का दोष पिछली सरकार पर मढ़ते है। आ अब लोगों का चुप्पी तोड़ते है दिखाकर सिनेमा लोगों को सतरंगी सा रंगते है रंग हरियाली का छोड़कर मजहबी कुर्ती सिलते है चल चुनाव की तरफ मुख करते है। खड़ा कर कोई नया मुद्दा लोगों को, भ्रम में डालते है। हो कितनी भी प्रचंड बेरोजगारी चल छोड़ इसे, रंगो से भारतवर्ष को जोड़ते है।
©अमन कुमार (विक्की)
