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Aman Kumar Vikki
Aman Kumar VikkiCourseLiteraturePoetry
17 May 2021·1 min read·

चिड़ियाँ मम्मी

चून-चूनकर तिनके को, चिड़ियाँ ने, घोसला किया तैयार।

उसमें अंडे दिये चार जिनसे बना एक नया परिवार।

इस परिवार को क्या खिलाऊँ ? दाना-पानी कहाँ से लाऊँ ? सोच के चिड़ियाँ गई बाहर।

घूमते-फिरते चिड़ियाँ पहुँची जहाँ बहेलियों ने, बिछा रखी थी जाल।

आह ! किसी ने, कर लिया कैद छटपटाई चिड़ियाँ रिहाई को लगाई गुहार।

बोला क्रूर बहेलिया शहर ले चलुँगा, अभी हाल के हाल।

रोकर चिड़ियाँ बोली ऐसा मत करना भैया, बच्चों का है सवाल।

उदास बैठ गई चिड़ियाँ बता बहेलियों को बच्चों का हाल।

तरस खाकर छोटे बहेलिये ने पिता से लगाई गुहार आंखे दिखा बड़े बहेलिये ने, सुना दिया उसे दो-चार।

छोटे बहेलिये ने फिर चुपके से, पिंजरा खोला और चिड़ियाँ हुई फरार।

दाना पाकर बच्चों ने किया चिड़ियाँ मम्मी को बहुत प्यार।

©अमन कुमार (विक्की)