EP1: मृत्यु प्रबंधन: मौत क्या?
मृत्यु शरीर का अंतिम अध्याय है । इस अध्याय की परीक्षा अनिवार्य है। इस अध्याय से पुछे जाने वाले प्रश्न लगभग हर व्यक्ति के लिए समान है । लेकिन हर एक का उत्तर बदल जाता है ।
जहाँ से शरीर की शुरुआत होती है वहीं से मौत की शुरुआत होती है। मशीन जब चालू होता है तो उसके बंद होना तय है। जीवन की शुरुआत और मौत के बीच का अंतराल सेकंड भर भी हो सकता है या सैकड़ों साल भी हो सकता है।
कुछ लोग मौत की तैयारी करते है इसके बाद मृत्यु परीक्षा में बैठते है। कुछ लोग इसे आउट ऑफ सिलेबस समझकर टालते है और बाद में पढ़ने का बहाना किया करते है। वे मृत्यु को पढ़ नहीं पाते लेकिन जब एकाएक मौत आ जाती है तो उन्हें बिना पढे ही मृत्यु परीक्षा देनी पड़ जाती है ।
जो मृत्यु परीक्षा की तैयारी अच्छी तरह से करते है वे अच्छे मार्क्स लाते है और उच्च लोकों में जाते है । जो फिसड्डी होते है वे नीचे ले लोकों में जाते है ।
मृत्यु प्रबंधन के अंतर्गत हम मृत्यु के विभिन्न पक्षों पर बातें करेंगे।
हरे कृष्ण !
