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एक रात
सूर्यास्त का सूरज रातों को आमंत्रित कर लाता है चिड़ियां की चहचहाहट रातों को क्रीड़ा को उकसाता है सांझ का सांझा दीपक रातों का घूंघट उठता है मंदिर के चौपालों पर भजन-कीर्तन रातों को कर्तव्य का पाठ पढ़ाता है उल्लू का परिभ्रमण रातों को पितृछाया दे जाता है पेड़ों पर जुगनू ?? रातों को श्रृंगार से सुशोभित कर देता है निहार रहा इंजोरिया मंद मंद मुस्काता है रातरानी का खिलना गजरे को उकसाता है बुलबुल का चहकना रातों को गुदगुदाता है होती सुबह मुर्गे की बांग रातों को घूंघट से ढक जाता है|
©अमन कुमार (विक्की)
