हाँ...मैं कश्मीरी पंडित हूँ
क्या बताऊँ, कैसे कहूँ ? कि मैं कहाँ-कहाँ से खंडित हूँ ? मैं कश्मीरी पंडित हूँ ! हाँ...मैं कश्मीरी पंडित हूँ !
डल की झीलें रोई थी तब शिकारे तक टूट गए ? यादों में जो जिन्दा अब तक उस जन्मभूमि से वंचित हूँ मैं कश्मीरी पंडित हूँ ! हाँ...मैं कश्मीरी पंडित हूँ ! <!--more-- अस्मत खोई , खुद पर रोई अपनों से ही दंडित हूँ ? क्या बताऊँ, कैसे कहूँ ? कि मैं कहाँ-कहाँ से खंडित हूँ ? मैं कश्मीरी पंडित हूँ ! हाँ...मैं कश्मीरी पंडित हूँ !
©#कुमार
