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Kumar Bhupesh
Kumar BhupeshCourseLiteraturePoetry
3 Feb 2021·1 min read·

मैं किसान हूँ

कृषि प्रधान देश का कहने को शान हूँ ! रोटी देने वाला हिन्द का भी मान हूँ !!

दुनियां के निवाले में भूखों वाला तान हूँ ! जय जवान जय किसान शास्त्री जी का गान हूँ !! <!--more-- जाड़ा गर्मी बरसात हर ऋतुओं का भान हूँ ! ऋण में भी धन वाला अर्थव्यवस्था का जान हूँ !!

बेशक पूंजीपतियों के लिए आज कालाबाजारी का बान हूँ ! किंतु, याद रहे खेत खलिहान से हर गोदामों तक का आन हूँ !!

मैं किसान हूँ...! हाँ...मैं किसान हूँ...!!

©#कुमार