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मुहर्रम
जुलूस विहीन मुहर्रम, कोरोना का असर
गलियों में सुनसान, साउंड बॉक्सो से गूंजती आवाजें।
हम रहे ना रहे, हमारा धर्म रहेगा।
मुहर्रम में ड्यूटी पर तैनात, देश के खातिर।
हम रहे ना रहे, हिन्दुस्तान रहना चाहिए।
ये भारत रहना चाहिए, भारतीयता रहनी चाहिए।
धरम रहे ना रहे, मानवता रहनी चाहिए।
विभिन्न धर्मो का समागम, ये भारत।
<!-- समझने लायक है, दूसरे पहर की बेला। --
©#मिथिलेश कुमार
