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नये सफर की तैयारी
अब नये सफर की तैयारी में हूँ। माना मजा हुआ अदाकार नही , फिर भी अदाकारी में हूँ।
मेरे मुस्कान देखकर मुस्कुराते है लोग, उन्हें क्या पता कितने लाचारी में हूँ।
फिर किसी जुल्म/घटना का इल्ज़ाम न आ जाये अपने हिस्से इसी के पहरेदारी में हूँ। भुला के गिलें-सिकवें सभी नई राहों के संग नए सफर की तैयारी में हूँ।
