← PrevNext →
Rahul Devashish
Rahul DevashishCourseLiteraturePoetry
31 May 2021·1 min read·

नेता नगरी

सफ़ेद कबूतरों के झुंड, Election के Season में, हमारे दरवाजे पर आये। डुगडुगी पिटवाये, नये ख्वाब दिखलाये। हमारे पहुँच में, और हमारे वफ़ादार , नजर आये। . Season खतम हुआ, ये अपनी जमात में, लौट गये, ऊँचे कंक्रीट के पेड़ों पर, जाकर बैठ गये, जहां हम इन्हें,ताक तो सकते हैं, टोक नहीं सकते।