प्यार और घृणा
कभी हमें लोगों की भीड़, अशांत कर देती है, कभी अपनेआप का , अकेलापन ।
कभी अपनों का प्यार, ले डूबता है, कभी अपनों का, घृणित व्यवहार।
कईयों के सहयोग से हम सफल होते है, कई लोग हमें आजीवन सफल होने देना नहीं चाहते।
© राहुल देवाशीष
कभी हमें लोगों की भीड़, अशांत कर देती है, कभी अपनेआप का , अकेलापन ।
कभी अपनों का प्यार, ले डूबता है, कभी अपनों का, घृणित व्यवहार।
कईयों के सहयोग से हम सफल होते है, कई लोग हमें आजीवन सफल होने देना नहीं चाहते।
© राहुल देवाशीष