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Kumar Bhupesh
Kumar BhupeshCourseLiteraturePoetry
3 Feb 2021·1 min read·

रिश्ते और गज़क

रिश्ते और गज़क एक से हैं दोनों के महक, और एक से ही हैं दोनों के खनक !

हर त्योहार हैं देता जीवन को एक आस, तिल और गुड़ भी मिलकर भरे मिठास !

गजक भी होते रिश्ते से करारे और मीठे से भरपूर, सहेजो तो चलेंगे बहुत दूर अन्यथा नाजुक और क्षणभंगुर !

©# कुमार