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Aditya Narayana Mishra
Aditya Narayana MishraCourseLiteraturePoetry
4 Feb 2022·1 min read·

सरस्वती वंदना

वीणा बजा क' मैया अज्ञान दूर क' दिअ आवे नहि घुरि क' एतेक दूर क' दिअ।। वीणा बजा क'

करब अहाँ केँ अर्चना गाबि कोना क' वंदना अछि बेसुरा धुन हमर स्वर सँ सजा दिअ।। वीणा बजा क'

अवगुण सँ छी भरल गुणवान अहाँ क' दिअ बिगड़ल अछि हमर बोल मधुर अहाँ क' दिअ।। वीणा बजा क'

आखर केर बोध कम माँ अहाँ सजा दिअ आदित्य बेसि कहत की अपन दास बना लिअ।।

वीणा बजा क' मैया अज्ञान दूर क दिअ .....

©आदित्य मिश्रा उफरदाहा दरभंगा