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Amrita Singh
Amrita SinghCourseLiteraturePoetry
13 Aug 2021·1 min read·

शब्दों के आँसू

भावनाओं के शब्द, सिर्फ,

कोरे कागज पर आ सकते हैं,

जिसका प्रत्येक अक्षर, या तो हँसता है, या रोता है, कुछ व्यथित, तो कुछ शांत,

पर शब्दों के आँसू थोड़े न होते हैं, जिससे कागद गीले हो जायें,

वो तो लिखने वाले, समझने वाले की, समझ पर टीकते हैं,

वरना, आँसू की जगह, तो आँखें हैं,

जहाँ, उन्हें बिना धूप के भी, सूखना चाहिए,

वरना दर्द के बाहर आते हीं, आपसे आपकी हीं, पहचान छीन लेगा।

©डॉo अमृता सिंह