श्रीमदभागवतम 1.1.4: नैमिषारण्य का परिचय
स्कंध-1,अध्याय-1, श्लोक-4: नैमिषारण्य का परिचय ------------------------------- नैमिषेऽनिमिषक्षेत्रे ऋषय: शौनकादय: । सत्रं स्वर्गायलोकाय सहस्रसममासत ॥ ४ ॥ ------------------------------- नैमिष अरण्य श्रीमदभागवतम की कथा स्थली है। यहाँ श्रीमदभागवतम कथा का दूसरा कॉन्फ्रेंस हुआ। यह जगह वर्तमान में भारत देश के उत्तर प्रदेश राज्य के सीतापुर जिले में स्थित है । यह लखनऊ शहर से करीब 90 किलोमीटर दूर पर है।
आज से करीब 5000 साल पूर्व नैमिष अरण्य में शौनक आदि ऋषि एक हजार साल तक चलने वाले यज्ञ के लिये एकत्रित होते है। भगवान और भक्तों को खुश करने के लिये इस यज्ञ का आयोजन किया जाता है। उसी समय सूत गोस्वामी जी वहाँ आते है।
हरे कृष्ण !
