श्रीमदभागवतम 1.1.6: सूत गोस्वामी की योग्यता
स्कंध-1,अध्याय-1, श्लोक-6: सूत गोस्वामी की योग्यता ------------------------------- त्वया खलु पुराणानि सेतिहासानि चानघ । आख्यातान्यप्यधीतानि धर्मशास्त्राणि यान्युत ॥ ६ ॥ ------------------------------- इस श्लोक में सूत गोस्वामी की पहली योग्यता बताई गई है कि वे 'अनघ' है। यानि सभी प्रकार के पापों से मुक्त है।
कलियुग में चार प्रकार के पाप है- 1.) स्त्रियों के साथ अवैध संबंध 2.) पशुओं की हत्या एवं मांसाहार 3.) नशा सेवन 4.) जुआ, ठगी, धोखाधड़ी,आदि। सूत गोस्वामी इन सबों से अप्रभावित है इसलिए वे पाप मुक्त है ।
सूत गोस्वामी की दूसरी योग्यता है कि वे आस्तिक विज्ञान के एक्सपर्ट है। आस्तिक विज्ञान वैदिक शास्त्रों, पुराणों, उपनिषदों, आदि पर आधारित शिक्षा पद्धति है । यह भगवान के अस्तित्व को स्वीकार करता है एवं धार्मिक जीवन जीने के लिये मार्गदर्शन करता है ।
सूत गोस्वामी की तीसरी योग्यता है कि वे इतिहास के एक्सपर्ट है। सूत जी रामायण, महाभारत और उसके पहले घटित हुई घटनाओं के भी जानकार है।
वर्तमान इतिहास तीन खंडों में विभाजित है-प्राचीन कालीन, मध्य कालीन एवं आधुनिक कालीन है।
प्राचीन कालीन इतिहास 2500 BC से 650 AD तक, मध्य कालीन इतिहास 650 AD से 1818 AD तक एवं आधुनिक इतिहास 1818 AD के बाद कि घटनाओं का तथ्य और प्रमाण देता है।
प्राचीन इतिहास में सिंधु घाटी सभ्यता, हड़प्पा, वैदिक सभ्यता, महाजनपद काल, बौद्ध काल, जैन काल , संगम युग, गुप्त काल, चालुक्य वंश, पल्लव वंश इत्यादि के बारे में में जानकारी मिलती है।
मध्य कालीन इतिहास में राजपूत साम्राज्य,पाल,प्रतिहार,राष्ट्रकूट,चोल,दिल्ली सल्तनत, विजयनगर साम्राज्य,मुग़ल साम्राज्य, मराठा साम्राज्य,इत्यादि के बारे में जानकारी मिलती है।
आधुनिक इतिहास में ब्रिटिश शासन, स्वतन्त्रता संग्राम, इत्यादि के बारे में जानकारी मिलती है ।
विश्व इतिहास में मेसोपोटामिया सभ्यता, रोमन सभ्यता, चीनी सभ्यता, विश्व युद्ध इत्यादि की जानकारी मिलती है।
वर्तमान में होने वाली इतिहास की पढ़ाई में इस संसार की भौतिक जानकारियाँ भरी पड़ी है । चीजों के बनने, बिगड़ने, आदि का जिक्र इसमें है । जन कल्याण की बात उसमें नहीं है । लेकिन सूत जी जिस इतिहास के बारे में जानकारी रखते है वह विश्व कल्याण के लिए है।
हरे कृष्ण !
