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Rahul Devashish
Rahul DevashishCourseLiteraturePoetry
23 Jun 2021·1 min read·

ठहराव

ठहर सी गई है जिंदगी काम कम और आराम ज्यादा है।

लक्ष्यहीन सी दिनचर्या है मेहनत कम और झंझट ज्यादा है।

आगे बढ़ने की कुछ और करने की न ललक रही न ही इरादा है।

© राहुल देवाशीष