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व्हाट्सएप्प हूँ मैं
व्हाट्सएप्प हूँ मैं, हर क्षण सबके साथ, उम्मीदों पर बसा,
आज कल, जीवन आसमानी है, इसने देखा, उसने देखा, ना जाने किसने देखा,
कोई ब्लू टिक नहीं, कोई जवाब नहीं,
घंटे कितने बीत गए, लगता है वो भूल गए, मिनट, घंटे जब बीत गए,
लगता है अब वो नहीं जीते, फिर भी हैं आसमानी उम्मीदें, पिंग का इंतजार, स्टेटस चेक किया हजार बार, स्थिति अब 'टाइपिंग की है ....
© अमृता सिंह
