न श्रम प्रधान, न कर्म प्रधान
न श्रम प्रधान, न कर्म प्रधान, है यहाँ चापलूस महान् ।।
न ज्ञानी प्रधान, न ध्यानी प्रधान, है यहाँ अशिक्षित महान् ।।
न किसान प्रधान , न व्यापारी प्रधान, है यहाँ बिचौलिया महान् ।।
न रोगी प्रधान , न योगी प्रधान, है यहाँ लापरवाह चिकित्सक महान् ।।
न जाति प्रधान, न धर्म प्रधान, है यहाँ राजनेता महान् ।।
आप भी प्रधान, वे भी प्रधान, क्या हमें बनना चाहिए, ऐसा महान् ??
©#नरेन्द्र प्रसाद निराला
