Mithilesh Kumar
Mithilesh KumarCourseLiteraturePoetry
3 Feb 2021·1 min read·

योग क्या है ?

योग क्या है ? सभी योग कर रहे है।फर्क बस इतना है-कोई वियोग में,तो कोई योगमय है। क्या यह आत्मा से परमात्मा का मिलन है? पर आत्मा, किसने देखा है..? यह खुद को जानने की व्यवस्था है,या जीवन शैली !आखिर क्या है, किस चिड़ियाँ का नाम है योग ?

योग नित प्राण को संतुलित कर स्वास्थ्य रहने कि कला है या यह सर्कस का खेल या चक्रों एवम् नाड़ियों, कला एवम् आयामों का विज्ञान है।क्या योग जीवन जीने की कला, साथ ही मरने की कला है या इससे परे और कुछ है।क्या यह अंतकरण चतुस्त्य, सभी पुरूषार्थ साधने एवम् पांच कलेश मिटाने की विधि है।

योग अपने सीमा को मिटाने की विद्या है, कैसी सीमा? सीमा समाहित होने की, अपने मेे सीमित होने की या यह जीवन को पूर्णता से जीने का तरीका है।क्या यह ब्रह्माण्ड से अपने तारतम्य बनाने का रास्ता है? या हमारा अपने साथ या समाज के साथ कैसाव्यवहार हो इसकी नियामवली।

क्या यह ऊर्जा का पूरा वृहद ज्ञान है आखिर क्या है यह। क्या यह सभी परिस्थितयों में , समत्व की सिद्धि या निष्फल कर्म।

क्या इसमें मानवीय शारीरिक क्रियाओं पर रोक है या खुल के जीने का तरीका? क्या यह जीवन जैसा भी हो उसमें खुश एवम् अधिकतम करने की विद्या नहीं है।क्या यह अपने भौतिक सीमा से बाहर जाकर, कॉस्मिक ऊर्जा से जुड़ने की कला नहीं है।

क्या योग समाधि है? यम, नियम, आसन, प्राणायाम , प्रत्याहार, ध्यान एक क्रमवार विधि है, समाधि तक की। क्या यह तप, त्याग, संयम एवम् वैराग्य है, आखिर क्या है यह।

इतनी द्वंद्व क्यों, इतनी बेरुखी क्यों।क्या योग इतना ही है, जितना हमे मालूम है।योग क्या है, इसमें सभी तरह के लोगो की लिए है।योग तो सब कर रहे है, लेकिन किस प्रकार की।पूर्व जन्मों का सार, जीवन के साथ भी, जीवन के बाद की भी गारंटी है, योग।

#योग #जीवनशैली #योगदर्शन A mission to spread yoga door to door and shore to shore

©#मिथिलेश कुमार