Rahul Devashish
Rahul DevashishCourseLiteraturePoetry
26 May 2021·1 min read·

जीवन एक साहसपूर्ण अभियान है

जीवन एक साहसपूर्ण अभियान है । उसका वास्तविक आनन्द संघर्षों में है । इस जीवन में निराश होकर जीना कायरता है । परमात्मा ने हमें इसलिये नहीं पैदा किया कि हम पग-पग पर विवशताओं पर आँसू बहाते फिरें । हमें सिंह पुरुषों की तरह जीना चाहिए । उत्साहपूर्वक जीना चाहिए । इस आदत को यदि अच्छी प्रकार से सीख लें तो आपको धन की भीख , साधनों का अभाव-यह कुछ भी परेशान नहीं करेगा । आपके हृदय में उत्साह का बल होना चाहिए । यह बल आप पा गये तो इस जीवन में आपको सुख ही सुख रहेगा । आप सदैव प्रसन्नता में आत्म-विभोर बने रहेंगे ।

आचार्य की बातें : वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्री राम शर्मा आचार्य , निराशा को पास न फटकने दें, पृष्ट-4