निधि राजदान और बौद्धिक फूहड़ता
आप जब भी ज़्यादा समझदार होने के भ्रम में जीने लगते हैं तब आप उन घटनाओं को उस रूप में नहीं देख पाते जिस रूप में वो वास्तविक रूप से घटित हो रहा होता हैं बल्कि आप घटनाओं को उसी रूप में देखने के आदी हो जाते हैं जिस रूप में आप देखना चाहते हैं..!!
साइबर पिशिंग कोई "चलते ट्रेन में पॉकेट मारी " वाली बात नहीं हैं कि जैसे ही आपको पता चले और आप दांत चियारने लगे और कहने लगे कि ही ही...तुम्हारा ध्यान कहाँ था सफर करते वक्त....ही ही...! वैसे ही लोग अब जैसे ही सुनते हैं कि किसी के साथ साइबर ठगी हुई, बिना देर किये तुरंत कहने लगते हैं , देखो देखो बहुत काबिल बन रहे थे ये तो बेबकुफ़ निकले...ही ही....!!
कुछ भी आगे लिखने से पहले इस बात को एक बार आप जरूर पढ़े "निधि अपने साथ हुई घटना के बारे में सूचना देते हुए ये लिखती हैं कि उन्हें ज्यादा ध्यान देना चाहिए था लेकिन ये सब इतना असल लग रहा था कि उन्हें शक नहीं हुआ, क्योंकि उनसे किसी ने पैसे भी नहीं मांगे " !
निधि के द्वारा कही गयी इन पंक्तियों से साफ़ - साफ़ पता चलता हैं साइबर ठगी इतनी संजीदगी से की जा रही हैं कि फर्जी और असल चीजों के बीच की सूक्ष्मता इतनी कम हैं कि सब कुछ असल चीजों जैसा प्रतीत होता हैं ! जब ठगी इस स्तर की हो तो कौन कहाँ ठगा जाए इसकी गारंटी कोई भी नहीं दे सकता !
अब बात आती हैं कि जिसे आप समझदार मानते हैं या जिसे समझदार मानना आपकी मज़बूरी रही हो , उसके साथ ऐसी साइबर ठगी का हो जाना -
एक बात तो स्पष्ट हैं कि जिसे आप समझदार मानते हैं उसका ठगा जाना आश्चर्य में डालता हैं कि उनके साथ ये कैसे हो सकता हैं ?? इस आश्चर्य का कारण सिर्फ इतना सा हैं कि लोग अभी साइबर ठगी की संजीदगी को इतनी बारीकी से नहीं समझ रहे, जिस कारण उन्हें पढ़े लिखे समझदार लोगों के साथ साइबर ठगी होना असामान्य सा लगता हैं !!
दूसरी बात भी स्पष्ट हैं कि जिसको समझदार मानना आपकी मजबूरी रही थी , उसके साथ ठगी होना आपके लिए बौद्धिक जलवा दिखाने के लिए स्वर्णकाल आने जैसा होता हैं ! फिर वो इंसान अपनी कुंठा को प्रतिभा में तब्दील करने के जोश में होश खो बैठता और ऐसी चूक करता हैं जिसे वो इंसान सामान्य अवस्था में तो बिल्कुल ही नहीं करता..!!
एक बात हमेशा याद रखे "अपराधी" या "अपराध की प्रवृति" पर बात करने के बजाय अपराध के शिकार हुए लोगों पर तंज कसना उसी तरह की फुहरता हैं जैसे कोई कहता हैं कि बलात्कार इसलिए होता हैं क्योंकि लड़की रात में घर से अकेले बिना सोचे समझे ही निकल जाती हैं...!!
©# गोपाल कुमार
