Mithilesh Kumar
Mithilesh KumarCourseLiteraturePoetry
3 Feb 2021·1 min read·

चलो माफ़ करो

चले मुझे माफ़ करे। चुपी का दौर खत्म करे। जिसने जीत लिया अपना गरुर, जीत लिया पूरा संसार।

क्या मै इतना भी ना कर सकता, बोल मुझे। झुंझला मुझ पर, गीले सीकवे भूल कर। चलो मुझे माफ़ करे।

इतना गुस्सा क्यों, आत्म मंथन कर। विश्लेषण कर उन पर, जो चुभते दूसरो को।

इतना गुरूर क्यों, इतना फक्र क्यों। जिसने जीत लिया अपना गुरूर, जीत लिया पूरा संसार।

सिकंदर महान ना बन सका, तलवार लिए धरती जीतू। बुद्ध महात्मा बन बैठे, त्याग कर नूर सभी। जीत लिए सबके दिल को, जीत ली पूरी संसार।

चलो माफ़ करो, चुप्पी का दौर खत्म करे। जिसने जीत लिया अपना गुरूर, जीत लिया पूरा संसार।

शीश झुका पर, फितरत ना हो गुलाम सी। सर उठा झुककर भी, आत्म मंथन कर। उठा तलवार, आन पड़ी तब।

रखो गुरुर, चुर करो उनकी सब। नहला पे दहला हो। चलो मुझे माफ करो, चुप्पी का दौर खत्म करे।

झुक जाए, टूट जाए जब हो बड़ा उपकार। जिसने जीत लिया गुरूर, जीत लिया पूरा संसार।

#संसार #forgive #उपकार

©#मिथिलेश कुमार