Amrita Singh

Amrita Singh

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23 Jul 2021·1 min read

संभव नहीं

संभव नहीं, हर प्रयास असफल हो जाये, संभव नहीं, सभी रास्ते मंजिल को ले जायें । संभव नहीं, सभी आ...

संभव नहीं, हर प्रयास असफल हो जाये, संभव नहीं, सभी रास्ते मंजिल को ले जायें ।

संभव नहीं, सभी आवाजें ध्वनि बन जायें, संभव नहीं, हर शब्द कविता बन जायें ।

संभव नहीं, सभी सुखों से आनंद हीं आये, संभव नहीं, हर दुःख आँखों में आँसू लायें ।

संभव नहीं, हर शांति मन को भा जाये, संभव नहीं, हर फुर्सत में सुकून हीं आये ।

संभव नहीं, हर दरिया से प्यास बुझ जाये, संभव नहीं, हर बादल बरस जायें ।

संभव नहीं, सभी फूल इबादत के काम आयें, संभव नहीं, हर दरख़्त हरियाली लाये ।

संभव नहीं, हर गलती गुनाह बन जाये, संभव नहीं हर मकान घर बन जाये।

©डॉo अमृता सिंह

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