
दृढ़संकल्प
जब जिन्दगी में अपना इतिहास बनाना है। सुख, चैन, निन्द को बलिदान कर जाना है। संघर्षो की भट्टी में...
जब जिन्दगी में अपना इतिहास बनाना है। सुख, चैन, निन्द को बलिदान कर जाना है। संघर्षो की भट्टी में स्वयं को तपाना है। सफलता की चिन्गारी को हवा दे अंगार बनाना है। माना वेदना का अथाह सागर है हर तरफ, फिर भी निर्भीक हो सदा मुस्कुराना है। धूमिल पड़े कहानी को सुर्खियों में लाना है। शौर्य से सराबोर जवानी को ,नये पथ का अग्रदूत बनाना है। खुद के मस्तक पर विजयश्री का ताज सजाना है। अपने ही भुजदंडों के बल तूफानों का रूख मोड़ जाना है। जब संघर्षो का नाम है जीवन तो इससे भय क्यों खाना है? हम हो दृढ़संकल्पित अगर, बाधाओं को नतमस्तक हो जाना है।